Best Iftar ki Dua in Hindi | इफ्तार की दुआ | Roza Iftar ki Dua Hindi Mein

आज हम देखेंगे Iftar ki Dua in Hindi. और इसी के साथ जानेंगे इफ्तार की दुआ के बारे में कुछ खास बातें। तब चलिए देखते हैं, Roza Iftar ki Dua Hindi Mein-


Iftar ki Dua in Hindi


Iftar ki Dua in Hindi


दोस्तों रमजान के महीना हर इस्लाम धर्म के व्यक्ति के लिए बहुत खास होता है, और इसी महीने में पूरे महीने रोजे रखे जाते हैं। ऐसा मानना है, की जो भी व्यक्ति रमजान के महीने में रोजे रखता है,

और खुदा की इबादत करता है, खुदा की रहमत उस पर बनी रहती है।

जब हम सुबह उठकर रोजे रखने की शुरुवात करते हैं, तब हम सहरी की दुआ पढ़ते हैं, अगर आपको सहरी की दुआ याद नहीं है, तब आप हमारे द्वारा बताई गई सहरी की दुआ भी पढ़ सकते हैं।

पूरे दिन कुछ न खाते, पीते हुए जब बात आती है, रोजा तोड़ने की तब उसे इफ्तार कहा जाता है, और इस समय रोजा खोलने से पहले इफ्तार की दुआ पढ़ी जाती है।

रोजा खोलने से पहले इफ्तार की दुआ पढ़ना बेहद जरूरी है। चलिए देखते हैं, Iftar ki Dua in Hindi.

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इफ्तार की दुआ


” अल्लाहुमा लका सुमतु व बि क आमन्तू –

व अलै क तवककल्तु व अला रिजि का अफ्तरतो “


अर्थ-खुदा, मैने पूरा दिन कुछ न खा, पीकर रोजा रखा, तुझ पर मैने अपना ईमान लाने की कोशिश की, और तुझ पर भरोसा किया। तेरे दिए हुए समय पर मैने अपने रोजे का इफ्तार किया।

तो मेरा रोजा कुबूल कर, और मुझपर अपनी रहमत अता कर। ऊपर हमने Iftar ki Dua in Hindi के साथ ही इस दुआ का तर्जुमा यानी अर्थ भी बताया है, जिसे आपको जरूर जान लेना चाहिए।

किसी भी दुआ को समझकर पढ़ना सुन्नत माना जाता है।


रोजा रखने के फायदे


इफ्तार की दुआ


रमजान पूरे साल में केवल एक बार आने वाला इस्लामिक त्योहार है। जिसे सभी लोग बेहद खूबसूरत तरीके से रोजे रखकर और शांतिपूर्ण तरीके से मनाते हैं (Iftar ki Dua Hindi Mein)

दोस्तों रोजे रखने के बहुत सारे फायदे हैं, इनमे से कुछ फायदे तो ऐसे हैं, जो हमे बखूबी रोजे रखने से मिलते हैं, और इनमे से कुछ फायदे ऐसे हैं, जो खुदा हमे रोजे रखने पर अता फरमाता है।

हमने नीचे कुछ रोजे रखने से होने वाले फायदे बताए हैं, जिन्हें पढ़कर आपको रोजे रखने का महत्व पता चल पाएगा-

1. रोजे रमजान के महीने में खुदा की रहमत अपने ऊपर बनाने के लिए रखे जाते हैं, रोजे रखने का सबसे बड़ा फायदा यही माना जाता है, इसलिए अगर आप भी खुदा की रहमत पाना चाहते हैं, तब रोजे रखा करें, या रखने की कोशिश करें।

2. रोजे रखने का दूसरा सबसे बड़ा फायदा हमारे स्वास्थ्य का है, दोस्तों रोजा रखने के हमारे शरीर पर भी बहुत सारे फायदे होते हैं। अगर आप को किसी प्रकार की दिल से जुड़ी बीमारियां है, तब आपके लिए रोजा बेहद कारगर है, रोजा रखने से हमारा कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में आता है (Roza Iftar ki Dua in Hindi)।

3. रोजे रखने से हमारा ब्लड प्रेशर नॉर्मल बना रहता है, और जाहिर सी बात है, अगर हमारे ब्लड प्रेशर लेवल और कोलेस्ट्रॉल लेवल नार्मल बने रहेंगे, तो हमारा दिल स्वस्थ रहेगा, और हमे किसी प्रकार की दिल की बीमारी नहीं होगी।

4. रोजा हमारी प्रतिरोधक क्षमता को यानी किसी भी बीमारी से लड़ने की हमारी क्षमता को बढ़ाता है। यह हमारे शरीर में उपस्थित जो फ्री रेडिकल्स है, उनसे होने वाले नुकसान को कम करकर हमे एक ताकतवर प्रतिरोधक क्षमता देने में मदद करता है।

5. रोजा हमारी आयु बढ़ाने में हमारी मदद करते हैं, रोजे रखने से हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है, जिससे हमारा शरीर और बेहतर तरीके से काम कर पाता है, और हम जवां दिखाई पड़ते हैं। इसलिए रोजे रखें।


Iftar ki Dua Hindi Mein | के बारे में


Roza Iftar Karne ki Dua in Hindi


इस्लाम धर्म मे रोजा रखना बेहद खास माना जाता है, रमजान में कुल 30 या 31 रोजे होते हैं, यह ईद के चाँद पर निर्भर करता है। और हर इस्लाम धर्म का व्यक्ति पूरे रोजे रखने की कोशिश करता है (Iftar ki Dua )।

हमारे कुछ ऐसे भी हैं, जो अपने बिजी लाइफ शेड्यूल के कारण रोजे नहीं रख पाते हैं, तब उनके लिए हम यही कहना चाहेंगे कि जरूरी नहीं आप पूरे 30 रोजे रखें ,

पर दोस्तों रमजान का यह खास महीना पूरे साल में केवल एक बार ही आता है,

और रोजे रखना बहुत जरूरी भी माना जाता है, इसलिए आप को जिस भी दिन समय मिले, रोजा जरूर रखें। इससे आपके काम मे भी बरकत आएगी, और आपका स्वास्थ्य भी अच्छा बना रहेगा।

इसलिए कुछ ही रोजे रखें, पर रखें जरूर (Iftar Karne ki Dua in Hindi)।


Roza Iftar ki Dua in Hindi | सावधानियाँ


कुछ ऐसी बातें है, जो हमे इफतार करने और Iftar Dua Hindi पढ़ने से पहले जान लेनी चाहिए, माना जाता है, की अगर आपने इन कुछ सावधानी पर ध्यान नहीं दिया, तब आपका पूरे दिन मेहनत से रखा रोजा नाकबुल भी हो सकता है, इसलिए इन्हें ध्यान से पढ़ें।

 1. जब भी आप इफ्तार करने जाएं, उससे पहले ध्यान रखेम, की आप जिससे अपना रोजा तोड़ने वाले हैं, और जो भी आपने बनाया है, उसे एक जगह सजा कर रख दें।

2. इफ्तार करते समय Iftar ki Dua Hindi Mein को सही सही पढ़ें, जिससे आप पर खुदा अपनी रहमत अता करे।

3. इफ्तार की दुआ को पढ़ते समय आपके नाम में किसी भी प्रकार का कोई अलग ख्याल नहीं रहना चाहिए, आपको उस समय केवल खुदा की इबादत करनी हैं।

4. यदि आपको Iftar Karne ki Dua in Hindi नहीं आती, तब आप किसी से भी अपने सामने इस दुआ को पढ़वा सकते हैं, इसमे किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं है।


Conclusion | Iftar Karne ki Dua in Hindi


दोस्तों आज हमने पढ़ी Iftar ki Dua in Hindi. आशा करते हैं, आपको आज की हमारी यह इफ्तार की दुआ पोस्ट पसन्द आयी, और इस से बहुत कुछ नया जानने को मिला होगा।

दोस्तों रोजे रखते समय Iftar ki Dua Hindi Mein का समय और इफतार की दुआ बेहद खास होती है, आपको इसे ध्यान से पढ़ना चाहिए, और जो हमने कुछ सावधानियां ऊपर बताई हैं, उनका खासा ख्याल रखना चाहिए।

आपको आज की हमारी यह Roza Iftar ki Dua पोस्ट केसी लगी, बताइयेगा जरूर कमैंट्स में। और ऐसी ही जानकारी युक्त पोस्ट पढ़ने के लिए बने रहें हमारे साथ।

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