Best Sehri Ki Niyat in Hindi | सेहरी की नियत | Sehri Ki Niyat Ki Dua in Hindi

आज हम देखेंगे Sehri ki Niyat in Hindi. और साथ मे ही जानेंगे सेहरी से जुड़ी कुछ खास बातें। तब चलिए देखते हैं, Sehri Ki Niyat ki Dua in Hindi-


Sehri Ki Niyat


Sehri Ki Niyat


रमजान के महीने में रोजा रखना किसी भी इंसान के लिए बहुत अच्छा माना जाता है, और सुबह रोजा रखते समय रोजे से पहले खाया जाने वाला खाना को आम भाषा मे सेहरी बोला जाता है।

और सेहरी के समय पढ़ी जाने वाली दुआ को हम Sehri ki Niyat या सेहरी की दुआ बोलते हैं। हमारे नबी स.अ. व. ने भी सेहरी करने को बेहद खास बताया है।

हमने नीचे Ramzan Sehri Ki Niyat बताई है, और साथ मे ही उसका अर्थ भी बताया है, जिससे आपको सेहरी की नियत समझने में आसानी होगी। तब चलिए देखते हैं, सेहरी की नियत-


सेहरी की नियत


आमभाषा में नियत हमारा इरादा होता है, और जब बात आती है, Sehri ki Niyat की, तब अधिकतर जो जानकर हैं, का मानना है कि अगर हमारी नियत साफ है, तब हम अपने दिल मे भी सेहरी की नियत कर सकते हैं। लेकिन सेहरी की दुआ को पढ़ना सुन्नत माना जाता है।

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Sehri Ki Niyat ki Dua


” व बि सोमि गदिन नवई तु मिन शहरी रमजान “

तर्जुमा- मैं रमजान के इस रोजे की नियत करता हूँ।

बहुत से लोगों का पूछना होता है, की Sehri Ki Niyat ki Dua in Hindi करने का सही समय क्या है, तब हम आपको बता दें, की रोजे की नियत को सुबह सेहरी या नियत रखने का समय खत्म होने से पहले कर लेना चाहिए।


Sehri Ki Niyat ki Dua in Hindi | कुछ प्रश्न


लोगों के मन मे अक्सर Sehri Karne ki Niyat से जुड़े बहुत सारे प्रश्न रहते ही हैं, जो उन्हें रोजा रखने या नियत रखने में बाधा डालते हैं, ऐसे ही कुछ प्रश्नों के जवाब हमने नीचे बताए हैं, जिससे आपको आपके सवाल का सही जवाब जानने में आसानी होगी।


1. क्या हम सेहरी खाए बगैर भी रोजा रख सकते हैं-


रोजा रखते समय सेहरी खाना सुन्नत और बरकत का प्रमाण माना जाता है, और सेहरी खाकर हमारे शरीर मे दिनभर रोजा रखने की क्षमता या ताकत बनी रहती है,

इसलिये Ramzan Sehri Ki Niyat करते समय सेहरी खाना जरूरी हो जाता है, लेकिन अगर आपको सेहरी खाने का मौका किसी भी कारण से नहीं मिल पाया, तब आप बिना सेहरी खाए भी रोजा रख सकते हैं। आपका रोजा सही माना जाएगा।


2. सेहरी (Ramzan ki Niyat ki Dua) का सही समय क्या है-


रमजान शुरू होते समय एक कलेंडर मिलता है, जिसमे पूरे महीने का शहरी का सही समय दिया होता है। ऐसे में आप उसी समय पर ध्यान दें, यदि समय खत्म हो गया है, तब कुछ खाएं पिये नहीं।


3. अगर आप देर में सोकर उठे तो क्या करें-


अगर आप देर में सोकर उठें, और Sehri Ki Niyat ki Dua in Hindi का सही समय खत्म हो गया है, अजान भी हो गयी है, तब आपके पास एक ही उपाय बचता है, की आप बिना कुछ खाए पिए ही रोजा रख लें। जिससे आपका रोजा तो सही माना जाएगा, लेकिन आपको दिनभर ज्यादा कमजोरी महसूस होगी।


सेहरी की नियत की दुआ के बारे में


सेहरी की नियत


दोस्तों रमजान पूरे साल में एक बार आने वाला एक त्योहार है। और इस्लाम धर्म मे इस एक महीने को बेहद खास और सुन्नत वाला समझा जाता है, और रमजान में रोजे रखना हर मुस्लिम के लिए खास और बेहद अच्छा माना जाता है।

और अगर बात आती है, रोजे रखने की, तब रोजे रखने के लिए भी और रोजा खोलने के लिए भी इस्लाम मे अलग अलग दुआएं और नियम हैं। जिस समय हम रोजा रखते हैं,

उस समय को Sehri Roza Rakhne ki Niyat ki Dua in Hindi या सेहरी की दुआ कहा जाता है। सेहरी वह समय होता है, जब कोई इंसान अपना रोजा शुरू करता है, और शुरू करते समय सेहरी खाता है।

हमारे नबी स.अ. व. ने भी रमजान से पहले शहरी रखने को बेहद खास और और रोजा रखने का सही तरीका बताया है।

और Ramzan ki Niyat ki Dua के बाद खाना खाकर रोजा रखने से दिन भर कमजोरी भी नहीं आती। इसलिए हमें बताए हुए नियमों के जिसब से ही रोजा रखना चाहिए।

सबसे पहले हमें Sehri ki Dua पढ़नी चाहिए, उसके बाद सेहरी खाकर ही रोजे की शुरुवात करनी चाहिए।


Sehri ki Niyat | सावधानियाँ


Sehri Ki Niyat ki Dua in Hindi


हमें रोजा की शुरुवात करते समय Sehri ki Niyat के बाद कुछ सावधानियाँ बरतनी चाहिए, जिससे हमारा रोजा सही मायनों में हो, और हमे उस रोजे का सवाब भी मिले। कुछ ऐसी बातें हमने नीचे बताई हैं,

जो आपको अपने रोजे में दिन भर ध्यान में रखनी चाहिए, जिससे आपका रोजा टूटे ना और उसका आपको सवाब मीले।

1. हमे रोजा रखने के बाद कभी झूठ नहीं बोलना चाहिए, या झूठ से बचना चाहिए। देखिये दोस्तों रमजान के पूरे महीने को बेहद ही साफ माना जाता है, ऐसे में हमे झूठ बोलने से बिल्कुल परहेज करना चाहिए,

अगर आप रमजान के इस पाक रोजे में झूठ बोलते हैं, और अगर वह झूठ किसी को परेशानी में डाल सकता है, तब आप अपना रोजा तोड़ सकते हैं (Sehri Roza Rakhne ki Niyat ki Dua in Hindi )।

2. रमजान रखने के बाद किसी भी गलत शब्दों का प्रयोग न करें, गलत शब्द रमजान के दौरान बोलने से आपका रोजा टूट सकता है। पूरे रमजान में अपनी जबान से एक भी गलत शब्द न निकलें, न सुने। जिससे आपको रमजान रखने का सवाब भी मिलेगा।

3. रमजान के दौरान किसी भी इंसान का दिल न दुखाएं, किसी का दिल दुखाने से वह इंसान भी आपका दिल दुखा सकता है। सभी से मिल जुलकर रहें, एक शांति और भाईचारा दूसरों से बनाये रखें।

4. अपने कानों और आँखों की हिफाजत करें, जानकारों का मानना है, की रमजान का पूरा महीना बेजड़ ही पाक होता है, इस पूरे महीने के दौरान हमे अपनी आँखों और कानों की हिफाजत करनी चाहिए (Sehri Ki Niyat ki Dua in Hindi)।

हिफाजत करने से मतलब है, की आपको किसी भी प्रकार की कोई गलत चीज न देखनी है, और नही सुन्नी है। माना जाता है,

कि हमे रोजे के दौरान गलत शब्द, झूठी बातें, फ़िल्म, गाने न सुनने है, न गाने हैं, और न ही देखने हैं। जिससे हमारा रोजा सही बीतेगा और हमे रोजे का सवाब मिलेगा।


Conclusion | Sehri Ki Niyat


दोस्तों रमजान का महीना बेहद खास है, इसे युही न जाने दें, इसे खुदा की खिदमत में लगाएं, और रोजा रखें, रोजा रखते समय Sehri ki Niyat जरूर पढ़ें, जिससे आपका रोजा सही मायने में माना जाएगा।

आज हमने पढा, Sehri Ki Niyat ki Dua in Hindi. दोस्तों उम्मिद है, आपको हमारा आज का यह पोस्ट पसन्द आया होगा, और कुछ नया  जानने को मिला होगा।

आपको आज की यह Ramzan ki Niyat ki Dua पोस्ट केसी लगी, बताइयेगा जरूर कमैंट्स में, और ऐसे पोस्ट रेगुलरली पढ़ने के लिए बने रहिये हमारे  साथ।

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