Surah Baqarah in Hindi | Surah Bakra ki Tilawat- सूरह बकराह हिंदी में

आज की पोस्ट में हम जानेंगे सूरह बकराह हिंदी में (Surah Baqarah in Hindi). और साथ ही में जानेंगे सूरह बकराह का अर्थ (Surah Bakra ki Tilawat) और इसे पढ़ने के बहुत सारे फायदे। तब चलिए शुरू करते हैं.


surah baqarah in hindi

सूरह बकराह क़ुरान में दूसरे (2) स्थान पर आती है, इसी के साथ सूरह बकराह क़ुरान की सबसे बड़ी सूरह भी है।


Surah Baqarah in Hindi


बिस्मिल्लाह हिरह्मान निर्हिम

  • अलिफ़-लाम्-मीम्
  • ज़ालिकल्किताबु ला रै-ब फीहि हुदल्-लिलमुत्तकीन
  • अल्लज़ी-न युमिनू-न बिल-गैबि व युकीमूनस्सला-त व मिम्मा रजनाहुम् युन्फिकून
  • वल्लज़ी-न युमिनू-न बिमा उन्जि-ल इलै-क व मा उन्ज़ि-ल मिन् कब्लि-क व बिल्-आखि-रति हुम् यूकिनून
  • उलाइ-क अला हुदम्-मिर्रब्बिहिम् व उलाइ-क हुमुल्-मुफ्लिहून

सूरह बकराह की तिलावत | Surah Bakra ki Tilawat


surah bakra ki tilawat


शुरुवात करते हैं, खुदा के नाम से जो बहुत ज्यादा कृपाशील और दयावान है।

  • अलिफ लाम मीम।
  • क़ुरान ही एक ऐसी किताब है, जिस पर कोई संदेह नहीं, यह उन्हें रास्ता दिखाने के लिए है, जो खुदा से डरते हैं।
  • जो विश्वासी हैं, और खुदा पर विश्वास रखते हैं, और नमाज़ पढ़ते हैं, जो भी कुछ उन्हें मिला है, उसमे से गरीबों को या अन्य को दान करते हैं।
  • जो भी हे नबी आपके ऊपर उतारी किताब क़ुरान पर यकीन करते हैं, और कुरान के ही जैसी किताबों पर विश्वास करते हैं। और परलोक को भी मानते हैं।
  • वही खुदा की बताई सीधे रास्ते पर हैं, और ऐसे लोगों को सफलता निश्चित मिलेगी।

कुछ लोगों को सूरह बकराह (Surah al Baqarah in Hindi) का अर्थ नही पता होता, जिससे यह सूरह (Surah Bakra ki Tilawat) उनके लिए उतनी फायदेमंद नही होती। किसी भी सूरह को पढ़ते समय उसका समझ मे आना भी बहुत महत्वपूर्ण है।

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सूरह बकराह के बारे में


surah bakra tarjuma in hindi


सूरह बकराह क़ुरान में 2सरे स्थान पर है। तथा क़ुरान की सबसे बड़ी सूरह भी यही है, जिसमे कुल कलमों की संख्या 286 है। सूरह बकराह में ही आयतुल कुर्सी भी आती है, जिसका अपना ही महत्व है। और जिसे पढ़ना बहुत अच्छा माना जाता है।

सूरह बकराह में बकराह का अर्थ गाय से है, इस सूरह में गाय की चर्चा की गई है। सूरह बकराह की हर कलमें का अपना ही अर्थ और महत्व है।


सूरह बकराह के महत्व | Surah Baqarah Tarjuma in Hindi


सूरह बकराह हिंदी की 1 से लेकर 21वें कलमे में इस किताब का परिचय दिया गया है। कैसे लोग इस किताब में दि गयी बातों को मानेंगे, और कैसे लोग इस किताब में दी गयी बातों को नही मानेंगे।

सूरह बकराह (Surah Bakra Tarjuma) के 22 से 29 कलमे में बताया गया है, की इस पुस्तक को मानने वालों का जीवन कैसा होगा, जो लोग इस किताब को मानने से इनकार करेंगे, उनका दुष्परिणाम और जो लोग इस किताब का अनुसरण करेंगे उनका उद्धार।

सूरह बकराह (Surah Baqarah in Hindi) के 30 से 39वें कलमे में यह बताया गया है, कि दुनिया मे पहले मनुष्य (खुदा) की उतपत्ति कैसे हुई, और फिर मनुष्य जाति की उतपत्ति कैसे हुई है।

सूरह में 40-123वें कलमे में खुदा के ऊपर ईमान लाने के लिए बहुत सारी बाते बताई गई है। इसमें खुदा के ऊपर मन से विश्वास करने वालो और खुदा का विरोध करने वालों के बारे में बताया गया है। इसमें कुछ लोगों पर होने वाले दुराचारों के बारे में भी बताया गया है।

सूरह 124 से 167 वे कलमे में इब्राहिम साहब के काबा निर्माण के बारे में बताया गया है, और उनके द्वारा किये गए धर्म निर्माण के बारे में भी बताया गया है। प्यारे नबी और पबित्र पुस्तक क़ुरान को दुनिया मे भेजने के बारे में में भी इन्हीं कलमों में वर्णन किया गया है।

सूरह बकराह (Surah Bakra ki Tilawat) के 168 से 242 वें कलमे में कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण सामाजिक और अन्य नियमों के बारे में बताया गया है। जिन्हें पढ़कर किसी का भी मार्गदर्शन हो सके।

सूरह के 243 से 283 वें कलमे में काबा के बारे में बताया गया है।

सूरह बकराह हिंदी में के 284 से 286 अंतिम कलमों में उन लोगो के खुदा के उपर ईमान रखने के बारे में लिखा गया है, जो खुदा के ऊपर मन से विश्वास करते हैं।

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सूरह बकराह को पढ़ने के फायदे | Benefits of Surah al Baqarah in Hindi


सूरह बकराह हिंदी में


सूरह बकराह को क़ुरान की सबसे बड़ी, और एक बहुत महत्वपूर्ण आयत मानी जाती है, इसमें 286 कलमे हैं, और सूरह फातिहा के बाद सबसे महत्वपूर्ण आयत मानी जाती है। सूरह बकराह (Surah Bakra in Hindi) को पढ़ने के कई सारे फायदे हैं, जिनमे से मुख्य यह हैं-

1. ऐसा माना जाता है, की सूरह बकराह को पढ़ने वाले का दिल बहुत मजबूत हो जाता है, और उसे एक नई दुनिया प्रतीत होती है।

2. सूरह बकराह में एक बहुत महत्वपूर्ण कलमे है, जिसे आयतुल कुर्सी के नाम से भी जाना जाता है, और इस्लाम धर्म के सभी लोग आयतुल कुर्सी को पढ़ना खुदा की मन से इबादत करना समझते हैं, और इसके कई सारे फायदे भी हैं।

3. लोगों का मानना है, की सूरह बकराह पढ़ने से खुदा अपना रहम दिखाता है, और कठिनाइयां सारी एक साथ दूर होने लग जाती हैं।

4. इस सूरह को सफलता की सीढ़ी के नाम से भी जाना जाता है, इसको रोजाना पढ़ने से घर मे बरक्कत आती है। और बिगड़े काम बनने लगते हैं।

5. सूरह बकराह (Surah Baqarah in Hindi) पढ़ने से खुदाआपको सही रास्ता दिखाने में मदद करता है, और कई सारे बुरे तरह के लोगों से दूर रखता है।

( सूरह बकराह क़ुरान की एक बहुत महत्वपूर्ण सूरह है, और क़ुरान की सबसे बड़ी सूरह भी यही है, इस सूरह (Surah Bakra ki Tilawat) में कुल मिलाकर 286 सूरह हैं, इस सूरह के एक एक कलमे को पढ़ने की बहुत अहमियत मानी जाती है,

इस आयत में बहुत सी चीजें ऐसी बताई गई हैं, जो बहुत अहमियत रखती हैं। इस सूरह को पढ़ने के फायदे भी बहुत सारे हैं। जो हमने अभी ऊपर बताए।

सूरह बकराह के अंदर आयतुल कुर्सी भी मौजुड है, जिसका भी इस्लाम मे बहुत महत्व है। और जो हर इंसान पढ़ना पसन्द करता है। वैसे तो सूरह बकराह बहुत बड़ी है पर अगर कोई शिद्दत से इसे पढ़ने की कोशिश करे तो केवल 1 घंटे में इसे पढ़ सकता है। )


Conclusion | सूरह बकराह हिंदी में


आज आपने पढ़ी सूरह बकराह हिंदी में (Surah Baqarah in Hindi). और साथ मे ही जाना सूरह बकराह की तिलावत (Surah Bakra ki Tilawat) और इसके पढ़ने के फायदे (Benefits). आशा करते हैं, आपको आज की हमारी यह पोस्ट पसन्द आई होगी, और बहुत कुछ नया सींखने को भी मिला होगा,

Surah Baqarah Hindi Mein ऐसी ही रोचक और ज्ञानवर्धक पोस्ट पढ़ने के लिए बने रहिके हमारे साथ, और विजिट करते रहें aayatsays.com पर।

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