Best Wazu ka Tarika in Hindi | वुजू करने का आसान तरीका- Wazu ki Niyat

आज हम जानेंगे वुजू करने का सही तरीका (Wazu ka Tarika in Hindi). और वुजू के बारे में कुछ खास बातें। तब चलिए शूरु करते हैं Wazu ka Sahi Tarika.


Wazu ka Tarika


Wazu Ka Tarika


इस्लाम धर्म मे नमाज़ ऐसी चीज है, जिसे हर मुस्लिम भाई और बहन को पढ़ना जरूरी है, और नमाज़ पढ़ने से पहले अपने शरीर को साफ करना वुजू होता है।

वुजू, नमाज़ पढ़ने के लिए बहुत जरूरी है, बिना वुजू की नमाज़ नहीं हो सकती। और अगर नमाज़ पढ़ने से पहले जहां जहां साफ करना चाहिए, अगर थोड़ा सा भी बच जाए, तब वुजू अधूरी रहती है। या वुजू नहीं होती है।

इसलिए आज हमने वुजू करने का बिल्कुल आसान और सही तरीका (Wazu ka Tarika in Hindi) बताया है, जिसे पढ़कर आप वुजू करना सीख सकते हैं-


Wazu ki Niyat | वुजू की नियत-


वुजू करने के लिए सबसे पहले आपको वुजू की नियत (Wazu ki Niyat) पढ़नी जरूरी है, वुजू की नीयत है-

” बिस्मिल्लाह हिल अली इल अजीम वअह्मदुलीलल्लाहि अला दिनील इस्लाम। “

वुजू की नीयत के बाद अब जानते हैं, वुजू करने का सही तरीका-


Wazu Karne ka Tarika in Hindi | वुजू करने का सही तरीका-


वुजू की सुन्नतें-

  • सबसे पहले वुजू की नियत पढ़ लें,
  • वुजू की नियत पढ़ने के बाद बिस्मिल्लाह पढ़ें,
  • दोनों हाथों को कलाई तक धोएं,
  • अब अच्छी तरह से कुल्ली करें,
  • कुल्ली के बाद मिस्वाक कर लें,
  • अब अपने नाक की हड्डी तक आराम आराम से पानी डालकर धोएं,
  • अपने सर और कानों पर हाथ फिराते हुए धोएं,
  • दाढ़ी को हाथ फिराते हुए धोएं।

( वुजू करने से पहले (Wazu Banane ka Tarika) यह बात ध्यान में रखें कि जितनी भी चीजें बताई गई हैं, आपको सब 3-3 बार धोना है। यह नियम है। आपको अपने ऊपरी हिस्से से शुरुवात करते हुए नीचे की ओर जाना है, यानि कि पहले मुह धोएं, फिर कोहनियाँ इसके बाद सिर और कान और आखिरी में दाढ़ी और पाव धोएं। )

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वुजू करने के बाद की दुआ –


” मैं यह अपने दिल से गवाही देना चाहता हूं, की खुदा के जितना बड़ा कोई भी नहीं है, और हमारे नबी हज़रत मुहम्मद स अ व. खुदा के नेक बन्दे हैं। “


Importance of Waju in Hindi | क़ुरान में वुजू-


वुजू करने का सही तरीका


नमाज़ पढ़ने से पहले वुजू करना कितना जरूरी है, यह क़ुरान में भी बताया गया है। जो हमे क़ुरान की एक सूरह से जानने को मिलता है।  क़ुरान में एक सूरह है, जिसका नाम है, सूरह मईदा। जो कि कुरान का 5वां अध्याय है, और इसमें रकु की संख्या 16 है, में लिखा गया है,

कि ” जब भी आप लोग नमाज़ पढ़ने जाएं, तब अपने चेहरे को और अपने हाथों को अपनी कोहनियों तक धो ले। सिर पर पानी का हाथ फेर लें, और पैरों को अपने घुटनों तक धो लें ।”( सूरह मईदा )।


वजू के 4 फर्ज (Wazu Banane ka Tarika)-


wazu ki niyat


वुजू के लिए चार फर्ज बताए गए हैं, जिनमे बताया गया है, की हमे वुजू के समय शरीर के कौन से हिस्से को कहाँ तक धोना है-

  1. ऊपर माथे से नीचे ठुड्डी तक, पहले कान के लौ से दूसरे कान के लौ तक।
  2. दोनों हाथों को सही से कोहनियों तक।
  3. पानी हाथ से सर पर।
  4. दोनों पावों को घुटनों तक।

आपने जाना वुजू की नियत, वजू करने का सबसे आसान और सही तरीका (Wazu ka Tarika), और इसी के साथ जाना वजू करने के 4 फर्ज। अब जानते हैं, कुछ ऐसे कारण जिनसे हमारा वुजू टूट जाता है, या टूटने का खतरा रहता है।

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वुजू करते समय ध्यान रखने योग्य बातें-


Wazu Karne ka Tarika


कुछ बातों का वुजू करते समय बहुत ध्यान रखना चाहिए, जिससे आपका वुजू न होने का खतरा बने रहता है। अगर आप इन बातों को ध्यान में रखते हुए सही तरीके से वुजू करेंगे, तब आपका वुजू सही से हो पाएगा, और नमाज़ पढ़कर खुदा आपपर महरबान होंगे।


1. गलत जगह पर वुजू करना-


कुछ लोगों के घरों में वुजू करने के लिए साफ जगह नहीं होती, या कुछ लोग जहां मर्जी किसी भी जगह पर वुजू कर लेते हैं। खासकर यह चीज बड़े शहरों में ज्यादातर देखने को मिलती है, जिसे जहां पर जगह मिली, वह वहीं पर वुजू कर लेता है।

पर ऐसा करना क़ुरान के हिसाब से सही नहीं है, वुजू एक बहुत पाक चीज है, जिसे साफ सफाई वाली जगह पर किया जाना बेहद जरूरी है। गंदी जगहों में वुजू करने से वुजू पूरे न होने का खतरा बना रहता है। इसलिए हमेशा वुजू ऐसी जगह पर करें, जहां गन्दगी न हो, या पहले उस जगह को साफ कर लें, और फिर वुजू (Wazu Karne ka Tarika) करें।


2. वुजू के समय बहुत बाते करना-


जब भी हम नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद में जीते हैं, या हमारी बहनें घर पर नमाज़ पड़ती हैं, तब नमाज़ पढ़ने के लिए वुजू करते समय हम ही में से कुछ लोग एक दूसरे से इधर उधर की बहुत सारी बातें करना शुरू कर देते हैं। जो कि बिल्कुल गलत बात है, वुजू के बाद नमाज़ पढ़ी जाती है, जिसमे हम खुदा की इबादत करते हैं,

और खुदा की इबादत करते समय हमारे मन मे दुनिया की बातें न होकर केवल खुदा की इबादत होनी चाहिए, जिससे खुदा का हाथ हमारे सर पर सदा बना रहे। और वुजू करते समय इधर उधर की बातें करते समय वुजू पूरा न होने का खतरा भी बना रहता है, इसलिए जब भी वुजू करें, बिल्कुल शांत मन से करें, और इधर उधर की बातें न करें।


3. गलत तरीके से वुजू करना (सुन्नत के खिलाफ)-


हमने वुजू का तरीका समझते हुए, ऊपर कुछ सुन्नतें बताई हैं, जिनको ध्यान में रखते हुए वुजू करना चाहिए। कई बार ऐसा हो जाता है, जब हम सुन्नत के हिसाब से वुजू करना भूल जाते हैं, सुन्नत में वुजू करने (Vaju Karne ka Tarika) के लिए किसी भी चीज को तीन तीन बार धोने के लिए बताया गया है, परन्तु बहुत सी बार हमारे दिमाग मे वुजू करने समय कुछ और ही चलने के कारण हम सुन्नत के हिसाब से वुजू करना भूल जाते हैं।

पर ऐसा करने से हमारा वजू पूरा नहीं होता, और वजू पूरा नहीं होगा, तो नमाज़ भी पूरी नही हो पाएगी। इसलिए जब भी कभी हम वुजू करते हैं, तब हमें वुजू करने के लिए जो सुन्नतें हैं, उन्हें ध्यान में रखते हुए वुजू करना चाहिए, जिससे हमारा वजू सफल हो, और हमारी नमाज़ पढ़ने का हमे कुछ फायदा मिल सके।


4. ज्यादा पानी बर्बाद करना-


पानी को बर्बाद करना क़ुरान में बहुत गलत बताया गया है, और पानी को बर्बाद करना हमारी कायनात के लिए भी अच्छा नही है, क़ुरान में कहा गया है, और लोग भी मानते हैं कि वुजू (Wazu Banane ka Tarika) के समय पानी को बर्बाद करना वुजू न करने के बराबर है, क्योंकि पानी को बर्बाद करना एक खेल के समान है, और जब हम नमाज़ पढ़ने के लिए वुजू करते हैं,

तब हमें बहुत शांत और खुदा के प्रति समर्पित होने पड़ता है, और वुजू से पहले पानी बर्बाद करना कोई भी अच्छा व्यक्ति नहीं चाहेगा। हमे वुजू करते समय हर चीज को 3-3 बार धोना पड़ता है, और इनको धोने के लिए हमे जितने भी पानी की जरूरत हो, उतना ही पानी बर्बाद करना चाहिए, उससे ज्यादा पानी बर्बाद करना खुदा की तौहीन करने के बराबर है।

सही मात्रा में वुजू करते वक्त (Wazu ka Tarika) पानी का इस्तेमाल एक अच्छे वजू, और खुदा की दिल से इबादत की पहचान है। इसलिए वुजू के समय जितने पानी की जरूरत हो, उतना ही पानी बर्बाद करें।


5. दायाँ हाथ से नाक साफ करना-


कुछ लोगों को वजू करने का सही तरीका नहीं आता, जिससे ऐसे लोग वुजू करने में कुछ लोग दाएं हाथ का इस्तेमाल करते हैं, और यह एक बहुत गलत बात है, किताबों में भी ऐसा करना बहुत गलत बताया गया है। और बताया गया है कि नाक को साफ करने के लिए हमेशा उल्टे हाथ यानि कि बाएं हाथ का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

ऐसा करने से वुजू सही तरीके से होता है। दाएं हाथ से वुजू करते समय नाक में हाथ डालकर साफ करना पूरे शरीर को गंदा कर सकता है। सुन्नत में भी बताया गया है, कि वुजू के समय नाक को उल्टे ही हाथ से साफ किया जाना चाहिए। इस बात का खास ध्याद रखे, जिससे आपका वुजू टूटे नहीं।

इन कारणों का आपको खास ख्याल रखना है, जिससे आपका वजू अधूरा रह सकता है, या टूट सकता है। वुजू के टूटने के मुख्य कारण यही हैं।


वुजू टूटने के 6 कारण-


Vaju Karne ka Tarika


हम वुजू तो सावधानी के साथ कर लेते हैं, पर वुजू करने के बाद हम कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे हमारा वुजू टूट जाता है, और हमे वापस से वुजू (Wazu Karne ka Tarika for Ladies and Gents) करना पड़ता है, वुजू टूटने के कुछ मुख्य कारण नीचे बताए गए हैं, जिन्हें आप वुजू करने के बाद ध्यान में रखेंगे, तो आपका वुजू नही टूटेगा। और आपकी नमाज़ सफल होगी।


1. वुजू करने के बाद एक तरफा टेक लगाकर सो जाना-


वुजू करने के बाद यह खास ध्यान रखें, की वुजू के बाद एक तरफा टेक लगाकर न सोएं, ऐसा करने से आपका वुजू टूट सकता है, और आपको वुजू दोबारा करना पड़ेगा, अगर आप ऐसे ही नमाज़ पड़ेंगे, तब आपकी नमाज़ भी अधूरी मानी जाएगी।


2. वुजू करने के बाद उल्टी आना-


अगर आप बीमार हैं, या किसी भी कारण से आपको वुजू करने के बाद उल्टी आ जाती है, तो तुरंत वुजू को दोबारा करें, अगर आप ऐसा नहीं करते और नमाज़ पढ़ने चले जाते हैं, तब यह खुदा की तौहीन कहलाएगी। और नमाज़ का कोई फायदा आपको नही मिल सकेगा। इस बात का खास ध्यान रखें।


3. वुजू करने के बाद शरीर के किसी भी हिस्से से पीप या खून निकलना-


यदि आपके कहीं चोट लगी है, या कही पर मस्सा बना हुआ है, और आपके वुजू करने के बाद उसमें से खून या पिप निकल रहाहै, तब आपस खून को या पिप को अच्छी तरह साफ करें, और फिर से वुजू करें। नहीं तो आपकी नमाज़ पूरी नहीं मानी जाएगी, और खुदा की तौहीन मानी जाएगी।


4. वुजू करने के बाद बाथरूम जाना-


इस बात का सभी को ध्यान रखना चाहिए कि वुजू करने से पहले बाथरूम होकर आना चाहिए, वुजू के बाद बाथरूम (गुसल) जाने से वुजू टूट जाता है, और आपको वुजू दोबारा से करना पड़ता है। कभी भी वुजू करने से पहले गुसल जाएं।


5. किसी भी कारण से बेहोश हो जाना-


अगर आपने वुजू कर लिया है, और आपको किसी प्रकार का चक्कर आ जाए, और आप बेहोश हो जाएं, तो ऐसे हालात में वुजू नही माना जाता है, ऐसे हालत में पहले कहीं बैठकर आराम कर लें, अगर आप समय पर ठीक हो जाते हैं, तब दोबारा वुजू करके नमाज़ पढ़ें।


6. वुजू करने के बाद नमाज़ के दौरान किसी भी कारण से जोर जोर से हँसना या मुस्कुराना-


यह वुजू टूटने का सबसे बड़ा कारण है, लोग जब वुजू करने के बाद नमाज़ पढ़ने जाते हैं, तब किसी भी कारणवश उनको या तो हसी आ जाती है, या वे मुस्कुरा जाते हैं, ऐसा करना नमाज़ और खुदा दोनों का अपमान है।

इसलिए इस बात का खास ख्याल रखें, जब भी आप वुजू करके नमाज़ पढ़ने आएं, आपका मन और दिमाग शांत हो। और आप हँसे नहीं। इससे आपका वुजू (Wazu Karne ka Tarika) और नमाज़ दोनों ही सफल होंगे, और खुदा का हाथ आपपर सदा बना रहेगा।

इन बातों का आपको ध्यान में रखना बहुत जरूरी है, क्योकि वुजू करने के बाद आपका मन और शरीर दोनों साफ हो जाते हैं, और अगर आप ऊपर दिए गए कारणों में से कुछ भी गलती से या जानबूझकर करते हैं, तो आपका वुजू टूटने का खतरा बना रहेगा, या टूट जाएगा।

आज हमने जाना वजू कैसे किया जाता है (Wazu ka Tarika in Hindi), वजू की दुआ (Wazu ki Niyat) क्या हैं, और हमारा वजू किन कारणों से टूट सकता है, जब भी आप वजू करने जाएं, इन बातों का खास ख्याल रखे। जिससे आपका वुजू पूरा हो, और टूटे नहीं। अगर आप ऊपर बताई बातों का ख्याल रखेंगे, तब आपका वुजू सही तरीके से होगा, और आपको नमाज़ पढ़ने का फायदा मिल सकेगा।


Conclusion | Wazu ka Sahi Tarika in Hindi


आज आपने जाना वुजू करने का सही तरीका (Wazu ka Tarika in Hindi), वुजू की नीयत (Wazu ki Niyat). और साथ ही में जाने कुछ ऐसे कारण जिनसे हमारा वुजू अधूरा रह जाता है। आशा करते हैं आपको आज की यह पोस्ट पसन्द आआई होगी।

और इससे बहुत कुछ नया सींखने को मिला होगा, Vaju Karne ka Tarika ऐसी ही अन्य जानकारीयुक्त पोस्ट पढ़ने के लिए बने रहें हमारे साथ, और आते रहें Aayatsays पर।

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