New Laylatul Qadr Dua in Hindi | लैलतुल कद्र दुआ | Dua For Laylatul Qadr

इस्लाम धर्म मे बहुत सारी दुआएं हैं, जिनका अपना अपना अलग महत्व है। Laylatul Qadr Dua in Hindi भी उन्हीं में से एक प्रकार की दुआ है। इस Dua For Laylatul Qadr दुआ को खुदा की रहमत पाने के लिए पढा जाता है।


Laylatul Qadr Dua in Hindi


Laylatul Qadr Dua


1st Laylatul Qadr Dua


“अल्लाहुमा इंननका अफुव्वुन तुहिब्बुल अफवा फअफू अन्नी या गफूर” ।।


अर्थ- हमारे प्यारे खुदा से हमारी यह दरख्वास्त है, की वह इस लैलतुल कद्र या शबे कद्र के इस सदके में हम सबकी जायज दुआ कुबूल अत्ता फरमाए। आमीन। या रब्बुल आलमीन।

यह Laylatul Qadr Dua दुआ है, जिसे कुछ लोग शबे कद्र में पढ़ी जाने वाली दुआ के नाम से भी जानते हैं।

यह दुआ हमारे प्यारे हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उम्मुल मोमिनीन हजरत आएशा सिद्दीका रजियल्लाहो ताला अन्हा को लैलतुल कद्र या शबे कद्र में विरद करने के लिए तालीम पेश की-

(Note- यदि आप शबे कद्र या लैलतुल कद्र दुआ की जैसी कोई दूसरी दुआ ढूंढ रहे हैं, तब आप इस दुआ को भी पढ़ सकते हैं-)

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2nd Lailatul Qadr Dua


अल्लाहुम-म इन्न-क अफुव्वुन करिमू तुहिब्बुल अफ व फ अफु अन्नी।।


उम्मुल मोमिनीन हजरते सय्यी दतुना आइशा रदीयल्लाहु ताला अन्हु सल्लल्लाहु अलैहि वस्सलम से कहती हैं, अगर मुझे लैलतुल कद्र या शबे कद्र दुआ का इल्म हो जाए, तब मैं क्या पढ़ सकती हूं?

तब हमारे सरकार सल्लल्लाहु अलैहि वस्सलम ने फरमाया, आप इस तरह दुआ मांग सकती हैं.

तजुर्मा- बेशक ही खुदा माफ करने वाला है। और सभी को माफ करने को पसंद करता है।लिहाजा मुझे माफ़ मरमा दे।


लैलतुल कद्र दुआ


हमारे प्यारे हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वस्सलम ने हमे समय समय पर बहुत सारी दुआ एं बहुत सारे मकसदों को पूरा करने के लिए बताई हैं। एक वही हैं,

जिन्होंने हमे कदम कदम पर जीने का सही तरीका बताया। Laylatul Qadr Dua in Hindi भी उन्हीं दुआओं में से एक है, जो हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वस्सलम ने हमे खुद की रहमत पाने के लिए बताई।

उनका कहना था, की लैलतुल कदर में हमारे फरिश्तों का नुजूल होता है, ओर रहमत की बारिश होती है। इस मुबारक भरी रात को हमे यू ही नहीं गवानी चाहिए, हमे तो इसे खुदा की इबादत में पेश करनी चाहिए।

उनका कहना था, की क्या पता हम कल भी हो या न हों।

उनका कहना था, की हमे Laylatul Qadr Dua दिन में या हफ्ते में या साल में एक बार जरूर  अता फरमानी चाहिए। जिससे हमें खुदा की रहमत मिल सके।


Dua For Laylatul Qadr के फायदे


लैलतुल कद्र दुआ


हमारे इस समय मे ऐसी बहुत सारी दुआए हैं, जिन्हें पढ़कर हम बहुत से फायदे पा सकते हैं। ऐसे में सभी दुआओं के कुछ न कुछ फायदे हमे देखने को मिलते हैं, Laylatul Qadr Dua को भी पढ़ने के कुछ फायदे ऐसे हैं,

जो हर किसी पढ़ने वाले को जानना बहुत जरूरी है,

जिससे वह इस दुआ को सही से समझ पाए। नीचे हमने इस दुआ से मिलने वाले कुछ मुख्य फायदे बताए हैं, जिन्हें जानकर आप इस दुआ को रोजाना पढ़ना शुरू कर देंगे।

1. हमारे प्यारे सल्लल्लाहु अलैहि वस्सलम ने हमे समय समय पर खुदा की रहमत पाने के लिए, माफी मांगने के लिए, किसी काम मे बरक्कत पाने के लिए,

या किसी काम की शुरुवात करने से पहले खुदा से मांगी जाने वाली बहुत सारी दुआएं बताई हैं, Dua For Laylatul Qadr भी उन्हीं दुआओं में से एक है, जिसे पढ़कर खुदा से रहमत मांगी जाती है।

2. माना जाता है, की हफ्ते में एक बार Laylatul Qadr Dua in Hindi को पढ़ने से घर मे बरक्कत आती है, ओर घर मे खुशहाली जैसा जीवन बना रहता है, इसलिये हमे हफ्ते में कम से कम एक बार यह दुआ जरूर पढ़नी चाहिए।

3. यदि आप किसी परेशानी से गुजर रहे हों, जैसे आर्थिक तंगी, या फिर अन्य कोई परेशानी तब आप इस दुआ को हफ्ते में एक बार जरूर पढ़ें, जिससे आपके घर मे खुदा की रहमत होगी, ओर बरक्कत आएगी।

4. बहुत से लोगों का मानना है, की लैलतुल कद्र दुआ को पढ़ने से कुछ बहुत बड़ी बीमारियां भी ठीक हो सकती हैं। उनका कहना है, की उनकी बहुत सी बीमारी इस दुआ के रोजाना पढ़ने से उनमे आराम मिला। यह भी इस दुआ का एक बहुत बड़ा फायदा है।

5. यदि आप के काम मे बरक्कत नहीं हो पा रही है, तब आपके लिए Lailatul Qadr Dua पढना फायदेमंद साबित हो सकता है। इसे रोजाना पढ़ने से बहुत से लोगों को काम मे बढ़ोतरी हुई है।


लैलतुल कद्र दुआ के बारे में


Dua For Laylatul Qadr


इस्लाम मे बहुत सारी ऐसी दुआ हैं, इनमे से कुछ दुआ ऐसी होती हैं, जिन्हें तो हम रोजाना नमाज पढ़ते समय या नमाज़ पढ़ने से पहले या बाद में पढ़ते हैं, या कुछ दुआएं ऐसी होती हैं,

जिन्हें हम किसी खास मकसद या खास दिन आने पर ही पढ़ते हैं।

उन्हीं दुआओ में से एक है, Laylatul Qadr Dua। जिसे पढ़ने का कोई सख्त नियम तो नहीं है, पर बहुत सारी ऐसी किताबे हैं, ओर बहुत से लोग इस दुआ के बारे में कहते हैं,

की हमारे प्यारे हजरत सल्ललाहु अलैहि वस्सलम जी ने कहा है, की इस लैलतुल कद्र दुआ या हम जिसे शबे कद्र दुआ के नाम से भी जानते हैं, इसे हम रोजाना दिन में एक बार, हफ्ते में एक बार, या महीने में या साल में एक बार पढ़ सकते हैं।

उन्होंने कहा है, की Dua For Laylatul Qadr को साल में एक बार तो जुरूर अता फ़र्मनि चाहिए, क्या पता कल आने वाले साल में हम हो भी या नहीं।

इसलिए हमें किसी भी तरह समय निकालकर इस दुआ को जरूर पढ़ना चाइये, इससे खुदा की रहमत बने रहती है।

कुछ लो जो इस्लाम धर्म मे जानकार हैं, उन का मानना है, की इस लैलतुल कद्र दुआ को हफ्ते में एक बार जरूर से अता फ़र्मनि चाइये।

जिससे हमारे ऊपर खुदा की रहमत बनी रहती है, औऱ बरकत आती है। इसलिए हफ्ते में एक बार जरूर समय निकालकर इस दुआ को अता फरमाएं।


Conclusion | Laylatul Qadr Dua in Hindi


आज हमने पढ़ी Laylatul Qadr Dua in Hindi. आशा है, आपको हमारी आज की पोस्ट अच्छी लगी होगी, ओर बहुत कुछ नया भी जानने को मिला होगा।

Lailatul Qadr Dua एक ऐसी दुआ है, जिसे शबे कद्र दुआ के नाम से भी कुछ लोग जानते हैं, ओर जिसे खुदा की रहमत पाने के लिए पढा जाता हैं आप भी यदि खुदा की रहमत पाना कहते हैं, तब रोजाना या हफ्तेमे एक बार इस लैलतुल कद्र दुआ को जरूर पढ़ें।

आपको हमारी आज की यह Dua For Laylatul Qadr पोस्ट केसी लगी, बताइयेगा जरूर कमेंट में, ओर ऐसी ही जानकारीयुक्त पोस्ट रोजाना पढ़ने के लिए बने रहे हमारे साथ।

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