Best Dua e Masura in Hindi | दुआ ए मसुरा | Dua Masura with Meaning

आज हम पढेंगे इस्लाम मे एक महत्वपूर्ण दुआ Dua e Masura in Hindi. दुआ ए मसुरा के ही नीचे हमने इस के कुछ खास फायदे बताए हैं, जो आपको इस (Allahumma Inni Zalamtu Nafsi Dua) का महत्व जानने में मदद करेंगे।


Dua e Masura


Dua E Masura


Dua E Masura एक खास प्रकार की दुआ है, जिसे नमाज़ जब पूरी होने वाली हो, उससे बिल्कुल पहले पढा जाता है। कहने का तातपर्य यह है, की जब हमने दरूद शरीफ पढ़ ली हो,

तब उसके बाद इस दुआ मसुरा को पढ़ते हैं। माना जाता है, की यह दुआ हर नमाज अदा करने वाले को याद होनी चाहिए।

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Dua E Masura with Meaning


बिस्मिल्ला हिर्रह्मा निरहिम,

अल्लाहुमा इन्नी जलमतु नफसी जुल्मन कसिरा,
वला यगफिरूज जून बा इल्ला अंता।
फगफिरली मग फि-र-तममिन इनदीका,
वर हमनी इनका अन्तल गफरुर रहीम।


अर्थ- ए खुदा हमने अपने पर बहुत अधिक जुल्म किया है, और हमारे गुनाहों को तेरे सिवा कोई माफ नहीं कर सकता, हमारी यह ख्वाहिश है,

की तू हमे माफ कर दे। हम पर तु अपना रहम फरमा, तू बड़ा माफ करने वाला और सबपर रहम करने वाला है। अपना रहमोकरम हम पर भी अदा कर।


दुआ ए मसुरा का महत्व


Dua e Masura in Hindi एक बहुत ही प्रख्यात और दुनिया भर के लोगों द्वारा पढ़ी जाने वाली दुआ है। अगर आप को इस दुआ का तर्जुमा यानी कि अर्थ नहीं पता है, तो वह जरूर पता कर लें।

क्योंकि किसी भी दुआ को पढ़ने से पहले उस दुआ का तर्जुमा पता होना जरूरी है।

नही तो हमें समझ मे ही नही आता, की आखिर दुआ का मतलब क्या है। अगर आपको इस दुआ को पढते समय दुआ का तर्जुमा पता होगा, तब आपको इस दुआ का पुरा फायदा हो पाएगा।

बहुत सारे लोग कहते हैं, की यदि आप को किसी दुआ को पढ़ते समय उसका अर्थ पता हो, तब आप उस दुआ को दिल से पढ़ते हैं।

और इसका आपको सवाब भी मिलता है। बिना अर्थ जाने किसी दुआ को पढ़ने से उतना फायदा नहीं हो पाता। इसलिए Dua Masura को पढ़ने के बाद इसका तर्जुमा भी जान लें।


Dua E Masura के फायदे


Allahumma Inni Zalamtu Nafsi


इस्लाम धर्म मे बहुत सारी दुआए हैं, और हर दुआ का मतलब अलग अलग है,और इन्हें पढ़ने से होने वाले फायदे भी अलग अलग हैं। अगर हम बात करें, Dua E Masura की,

तो इसे भी पढ़ने के कुछ खास फायदे हैं, जो इसे रोजाना पढ़ने वाले को खुदा अता फरमाता है। Allahumma Inni Dua के कुछ खास फायदे हमने नीचे बताए हैं, जो आपको इस दुआ का महत्व समझाने में मदद करेंगे।

1. Dua Masura को खुदा से अपनी गलतियों की माफी मांगने के लिए पढा जाता है,और अगर आप इस दुआ को सच्चे मन से पढ़ते हैं, ब खुदा निश्चित ही आपके सारे गुनाहों को माफ करेगा।

2. बहुत सारे लोगों का मानना है, Dua e Masura in Hindi को पढ़ने से एक नई ताजगी महसूस होती है, इसलिए आप भी आगत आज तक ईस दुआ को नही पढ़ रहे थे, तब बिना किसी देरी के आज से ही पढ़ना शुरू कर सकते हैं।

3. माना जाता है, की इस दुआ को पढ़ने से घर में बरक्कत आती है, और सारे बिगड़े हुए काम बनने शुरू हो जाते हैं। यदि आपका भी कोई ऐसा काम है, जो नहीं बन पा रहा है, तो आप इस दुआ को रोजाना नमाज़ खत्म होने से पहले जरूर पढा करें।

4. अच्छा स्वास्थ्य- Dua E Masura को पढ़ने वकलों का कहना है, की इस दुआ को रोजाना पढ़ने से उनका स्वास्थ्य पहले के मुकाबले सही बना रहता है,

और ज्यादा बीमारियां भी घर नहीं करती। इसलिए अगर आप भी एक अच्छा स्वास्थ्य मेंटेन करना चाहते हैं, तब रोजाना इस दुआ को जरूर पढ़ें।


Dua Masura | के बारे में


दुआ ए मसुरा


इस्लाम धर्म की पवित्र पुस्तक कुरान है, और पवित्र कुरान में 75 दुआ हैं। सभी दुआओं का मतलब अलग अलग है, और उन्हें किसी खास मतलब या परिस्थिति में पढ़ा या याद किया जाता है।

उनमें से कुछ दुआ ऐसी हैं, जिन्हें हम रोजाना पढ़ते हैं,और कुछ दुआए ऐसी हैं, जिन्हें हम किसी खास दिन पढ़ते हैं। रोजाना पढ़ने वाली दुआओं में से एक है, Dua E Masura.

जिसे नमाज़ पूरी होने के तुरंत पहले पढ़ना अच्छा और फायदेमंद माना जाता है। आप भी अपनी नमाज़ में दरूद शरीफ पढ़ने के बाद इस दुआ को पढ़ सकते हैं।

इस दुआ में खुदा से अपनी गलतियों की माफी मांगने के बारे में बात की गई है।


Allahumma Inni | की शुरुवात


माना जाता है कि एक बार हजरत अबु बकर रजिअल्लाहो अन्हु ने हमारे प्यारे हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वस्सलम से दरख्वास्त की, कि आप मुझे कोई ऐसी दुआ बताएं, जो मैं नमाज़ के समय पढा करूँ।

तब हमारे हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वस्सलम जी ने अबु बकर रजिअल्लाहो अन्हु को Dua e Masura in Hindi पढ़ने के लिए कहा। तभी से इस दुआ की शुरुवात हुई।

और आज के समय मे यह दुआ इतनी ज्यादा प्रचलित हो गयी है, की इसे ज्यादातर लोग अपनी नमाज़ पढ़ते समय पढ़ना पसन्द करते हैं।


दुआ ए मसुरा की कुछ खास बात


कुछ लोग कहते हैं, की Dua E Masura को पढ़ना बेहद जरूरी है, और इस दुआ को पढ़े बिना नमाज़ पूरी हो ही नहीं सकती, पर ऐसा बिल्कुल भी नहीं है,

ऐसा कहि पर नहीं लिखा है कि दुआ ए मसुरा को पढ़े बिना नमाज़ पूरी नहीं हो सकती। अगर आप को यह दुआ याद न हो, या किसी काम के लिए देरी हो रही हो,

तब आप इस दुआ के बदले कोई और दुआ भी पढ़ सकते हैं। दोस्तों हर दुआ अपने आप मे बहुत अधिक मूल्यवान है। हम चाहें किसी दूसरी दुआ को ही क्यों न पड़ लें, नमाज़ पूरी होगी, और उसका हमे सवाब भी मिलेगा।


Conclusion | Dua E Masura in Hindi


आज हमने पढ़ी Dua e Masura in Hindi. आशा करते हैं, की यह आज की पोस्ट आपको पसंद आई होगी, और इस से कुछ नया सीखने और जानने को मिला होगा।

Dua Masura, कुरान की 75 दुआओं में से एक है। जिसे खुदा की खिदमत में नमाज़ अदा करते समय पढा जाता है, ज्यादातर लोगों का मानना है, की इसे नमाज़ खत्म करने से पहले यानी दरूद शरीफ के बाद पढ़ना चाहिए।

अगर आपको आज की हमारी यह Allahumma Inni Zalamtu Nafsi Dua पोस्ट पसन्द आयी, तब जरूर बताइयेगा कमैंट्स में, और ऐसी ही जानकारी और रोचक पोस्ट पढ़ने के लिए बने रहिये हमारे साथ।

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